Sunday, February 10, 2019

लगता है

लगता है हो गई गलती सब कुछ बता कर तुझे
मेरे टूटे दिल के हर वरक दिखा कर तुझे


ना किया था इज़हार जब तक सब ठीक ही तो था
हालात बदल से गए अब, जता कर तुझे

मै भूखा भी रहा तो भी दिल शादाब रहा मेरा
अपनी रोटियां वो सब खिला कर तुझे


करता था याद तुझे वो शब तक सहर से
रातभर जागता था वो सुला कर तुझे

सोचता है दिल बदल देगा अपनी शिद्दत से "नवाब"
अफ़सोस है मगर अब, ये सब बता कर तुझे



@im_nawab_khan
नवाब खान की कलम से।

13 comments:

। ढूंढता हूं । Dhoondta Hu।

लिखने  को मैं आज कोई उन्वान ढूंढता हूं कलम में अपनी खुदा का फैज़ान ढूंढता हूं। Likhne ko mai aaj koi unvaan dhoondta hu Kalam me apni khuda ...